क्यों कोई स्टेरॉयड काम नहीं करता या रिजल्ट अब उतना अच्छा नहीं आता जो पहले आया ?
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क्यों कोई स्टेरॉयड काम नहीं करता या रिजल्ट अब उतना अच्छा नहीं आता जो पहले आया ?
स्टेरॉयड रेज़िस्टेंस या डीसेंसिटाइजेशन :
जब स्टेरॉइड्स हमारे शरीर में एंटर करते हैं चाहे ओरल या इंजेक्टेबल, हमारे शरीर में प्रोलैक्टिन व कोर्टिसोल जैसे शक्तिशाली स्ट्रेस हॉर्मोन ( जो दुःख या स्ट्रेस की स्थिति में ही शरीर रिलीज़ करता है ) की मात्रा भी तेज़ी से बढ़ती है । स्टेरॉइड्स शरीर में महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमिटर्स जैसे सेरोटोनिन, डोपामाइन व गाबा के उत्पादन व बैलेंस को भी ख़राब कर देते हैं। इस वजह से शरीर के लिए स्टेरॉइड्स अवांछित या साधारण शब्दों में प्रॉब्लम हैं, जिनको शरीर जल्दी से जल्दी डिएक्टिवेट या क्लियर करना चाहता है। डिएक्टिवेशन तथा क्लीयेरेंस के लिए शरीर कई तरह के स्ट्रेस होर्मोनेस तथा सिग्नल्स रिलीज़ करता है।
जब स्टेरॉइड्स हमारे शरीर में एंटर करते हैं चाहे ओरल या इंजेक्टेबल, हमारे शरीर में प्रोलैक्टिन व कोर्टिसोल जैसे शक्तिशाली स्ट्रेस हॉर्मोन ( जो दुःख या स्ट्रेस की स्थिति में ही शरीर रिलीज़ करता है ) की मात्रा भी तेज़ी से बढ़ती है । स्टेरॉइड्स शरीर में महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमिटर्स जैसे सेरोटोनिन, डोपामाइन व गाबा के उत्पादन व बैलेंस को भी ख़राब कर देते हैं। इस वजह से शरीर के लिए स्टेरॉइड्स अवांछित या साधारण शब्दों में प्रॉब्लम हैं, जिनको शरीर जल्दी से जल्दी डिएक्टिवेट या क्लियर करना चाहता है। डिएक्टिवेशन तथा क्लीयेरेंस के लिए शरीर कई तरह के स्ट्रेस होर्मोनेस तथा सिग्नल्स रिलीज़ करता है।

यही कारण है की लोगो में कोई भी एक विशेष स्टेरॉयड एक टाइम के बाद काम करना कम या बंद कर देते है। इसके दो ही उपाय हैं या तो आप साल्ट चेंज करो या डोज़ बढ़ाओ। परंतु डोज़ बढ़ाने की भी एक सीमा होती है, एंड्रोजेन रिसेप्टर्स की सीमित संख्या होने से शरीर स्टेरॉयड का उपयोग एक निश्चित मात्रा तक ही कर सकता है। उसके बाद रिजल्ट तो आएंगे नहीं साइड इफेक्ट्स और हो जाएंगे।
इसलिए स्टेरॉयड साइकल से पहले किसी एक्सपर्ट की गाइडेंस में लॉन्ग टर्म गोल्स के अनुसार साइकल प्लानिंग अति आवश्यक है। एक अन्य तरीका यह है की साइकल में केबरग्लाइन का एडिशन इन साइड इफेक्ट्स को कम करेगा।
पावरफुल साल्ट्स के यूज़ के बाद, माइल्ड साल्ट्स के प्रति कमज़ोर रेसेप्टर सेंसिटिविटी :
शक्तिशाली व हार्श कंपाउंड्स जैसे ट्रेनबोलोन, एंड्रोजेन रिसेप्टर्स से ज्यादा पॉवरफ़ुली जुड़ते हैं। इसलिए पावरफुल स्टेरॉइड्स यूज़ करने के बाद शरीर या रिसेप्टर्स की सेंसिटिविटी माइल्ड स्टेरॉइड्स के प्रति कम हो जाती है। चुकी सारे स्टेरॉइड्स अपना प्रभाव शुरू करने के लिए इन्ही रिसेप्टर्स पर निर्भर है, कम सेंसिटिविटी की वजह से माइल्ड स्टेरॉइड्स पर शरीर कम रिसपोंड करता है। ये ऐसे ही है जैसे व्हिस्की पीने वाले को बियर नहीं चढ़ती है .
शक्तिशाली व हार्श कंपाउंड्स जैसे ट्रेनबोलोन, एंड्रोजेन रिसेप्टर्स से ज्यादा पॉवरफ़ुली जुड़ते हैं। इसलिए पावरफुल स्टेरॉइड्स यूज़ करने के बाद शरीर या रिसेप्टर्स की सेंसिटिविटी माइल्ड स्टेरॉइड्स के प्रति कम हो जाती है। चुकी सारे स्टेरॉइड्स अपना प्रभाव शुरू करने के लिए इन्ही रिसेप्टर्स पर निर्भर है, कम सेंसिटिविटी की वजह से माइल्ड स्टेरॉइड्स पर शरीर कम रिसपोंड करता है। ये ऐसे ही है जैसे व्हिस्की पीने वाले को बियर नहीं चढ़ती है .
रेसेप्टर सेचुरेशन :
स्टेरॉइड्स शरीर या मसल्स पर अपने प्रभाव शरीर में मौजूद एंड्रोजेन रिसेप्टर्स से जुड़ने के बाद शुरू करते हैं , चुकी इन रिसेप्टर्स की मात्रा सीमीत है इसलिए शरीर के लिए किसी भी स्टेरॉयड अब्ज़ोर्प्शन एक लिमिट तक ही हो सकता है, उस से ज्यादा लेने पर साइड इफेक्ट्स बढ़ जाएंगे और रिजल्ट्स कम।
स्टेरॉइड्स शरीर या मसल्स पर अपने प्रभाव शरीर में मौजूद एंड्रोजेन रिसेप्टर्स से जुड़ने के बाद शुरू करते हैं , चुकी इन रिसेप्टर्स की मात्रा सीमीत है इसलिए शरीर के लिए किसी भी स्टेरॉयड अब्ज़ोर्प्शन एक लिमिट तक ही हो सकता है, उस से ज्यादा लेने पर साइड इफेक्ट्स बढ़ जाएंगे और रिजल्ट्स कम।
इसलिए लॉन्ग टर्म गोल्स के अनुसार साइकल प्लानिंग अत्यंत आवश्यक है।
मौजूदा स्वास्थ्य और अंडरलायिंग कॉम्प्लीकेशंस : स्टेरॉइड्स का प्रॉपर मेटाबॉलिज़्म और उनके प्रभाव कैसे रहेंगे, इस बात पर भी निर्भर करता है की उस समय आपका स्वास्थय कैसा है । अगर आपको हार्ट, लिवर, किडनी या हार्मोन संबंधित समस्याएं हैं, तो ये समस्याएं स्टेरॉयड्स के प्रति शरीर के रेस्पॉन्स को प्रभावित करेंगी । स्टेरॉयड साइकल शुरू करने से पहले अपना पूरा स्वास्थ्य परीक्षण कराना, विशेषकर आपके लिवर, किडनी और हृदय की जांच, आपको यह समझने में मदद करता है कि साइकल से क्या उम्मीद की जा सकती है। यह आपको साइकल शुरू करने से पहले किसी भी जरूरी तैयारी या एडजस्टमेंट में भी मदद करेगा ।
जेनेटिक कारक:
हर किसी का शरीर अपने जेनेटिक मेकअप के कारण स्टेरॉयड्स के प्रति अलग प्रतिक्रिया देता है। कुछ लोगों को स्टेरॉयड्स के प्रति स्वाभाविक रूप से उच्च संवेदनशीलता हो सकती है, जबकि अन्य को कम संवेदनशीलता या साइड इफेक्ट्स के अनुभव करने की अधिक प्रवृत्ति हो सकती है।
हर किसी का शरीर अपने जेनेटिक मेकअप के कारण स्टेरॉयड्स के प्रति अलग प्रतिक्रिया देता है। कुछ लोगों को स्टेरॉयड्स के प्रति स्वाभाविक रूप से उच्च संवेदनशीलता हो सकती है, जबकि अन्य को कम संवेदनशीलता या साइड इफेक्ट्स के अनुभव करने की अधिक प्रवृत्ति हो सकती है।
डोसेज और प्रशासन:
गलत डोसेज या अनुचित एडमिनिस्ट्रेशन से अप्रभावी परिणाम हो सकते हैं। यह न केवल इस्तेमाल की जाने वाली स्टेरॉयड की मात्रा पर निर्भर करता है बल्कि साइकल की लंबाई और स्टेरॉयड को अलग थलग या अन्य पदार्थों के साथ स्टैक किया जाना भी महत्वपूर्ण है।
गलत डोसेज या अनुचित एडमिनिस्ट्रेशन से अप्रभावी परिणाम हो सकते हैं। यह न केवल इस्तेमाल की जाने वाली स्टेरॉयड की मात्रा पर निर्भर करता है बल्कि साइकल की लंबाई और स्टेरॉयड को अलग थलग या अन्य पदार्थों के साथ स्टैक किया जाना भी महत्वपूर्ण है।
पोषण और आहार:
स्टेरॉयड्स खराब या आधे अधूरे डायट की भरपाई नहीं कर सकते। मसल गेन के लिए उचित प्रोटीन और अन्य माइक्रो व मैक्रो न्यूट्रिएंट्स के साथ कैलोरी अधिकता वाले आहार की आवश्यकता होती है। उचित पोषण के बिना, स्टेरॉयड्स की प्रभावशीलता कम हो जाती है।
स्टेरॉयड्स खराब या आधे अधूरे डायट की भरपाई नहीं कर सकते। मसल गेन के लिए उचित प्रोटीन और अन्य माइक्रो व मैक्रो न्यूट्रिएंट्स के साथ कैलोरी अधिकता वाले आहार की आवश्यकता होती है। उचित पोषण के बिना, स्टेरॉयड्स की प्रभावशीलता कम हो जाती है।
आयु:
आयु हार्मोन स्तरों और स्टेरॉयड्स के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है। युवा व्यक्तियों में प्राकृतिक हार्मोन स्तर अधिक मजबूत हो सकते हैं, जिससे बाहरी हार्मोन कम प्रभावी हो सकते हैं।
आयु हार्मोन स्तरों और स्टेरॉयड्स के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है। युवा व्यक्तियों में प्राकृतिक हार्मोन स्तर अधिक मजबूत हो सकते हैं, जिससे बाहरी हार्मोन कम प्रभावी हो सकते हैं।
मानसिक कारक:
एक्सपेक्टेशन, मानसिक स्वास्थ्य स्थिति, और मोटोवेशन सभी स्टेरॉयड उपयोग की प्रभावशीलता को महसूस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।